Letter Writing

आप चाहे किसी को भी पत्र लिख रहे हों, उसकी विषय – वस्तु कुछ भी हो यदि आप निम्नलिखित बातों का ध्यान रखेंगे तो आपको पत्र लिखने में काफी सहायता मिलेगी ।

यदि आप संबंधियों, मित्रों या परिचितों को पत्र लिख रहे हों तो आपका प्रयास यह रहना चाहिये कि आप अपने हाथ से पत्र लिखें । यदि आपकी लिखाई साफ़ नहीं है तो आप टाइप करा कर भी पत्र भेज सकते हैं ।

पत्र के दाएं ( Top right margin ) पर अपना पता लिखें ।

411/5 – Mohalla Maharam,
Shahdara, Delhi – 110 032

पते के ठीक नीचे तारीख डालें । तारीख लिखते समय आप निम्न विधियों में से किसी एक विधि को अपना सकते हैं ।

4th October, 1986
Friday, 4th October, 1986
October 4, 1986.
4.10.1986.

पत्र का प्रारम्भ कैसे करें? ( How to start a letter? )

पत्र की शुरुआत काफी महत्वपूर्ण होती हैं । इसमें उस व्यक्ति को संबोधित किया जाता है, जिसे पत्र लिखा जाता हैं । संबोधन इस बात पर निर्भर करता है कि आप किसे पत्र लिख रहे हैं । अलग – अलग श्रेणी के व्यक्तियों के लिये अलग – अलग संबोधनों ( salutations ) का प्रयोग होता हैं । कुछ ज्यादा प्रयोग में आने वाले संबोधन नीचे दिये गये हैं ।

माता – पिता व रिश्ते में बड़े अन्य संबंधियों को –
My dear father / papa / uncle,
Dear aunt / mother / mummy,

माता – पिता द्वारा बच्चों को –
My dear Umesh,
Dear Rena,
My dear son,
My dear daughter Sapna,

भाई – बहन तथा मित्रों में –
My dear brother / sister,
My dear sister Meena,
My dear Mitesh,
My dear friend Mitesh,

अपने से बड़े अधिकारियों तथा व्यवसायिक फर्म के मालिक / मालिकों को –
Sir,
Dear Sir,
Dear Mr. Mitesh,

पत्र का मुख्य भाग ( Body of the letter )

इसे मोटे रुप से तीन भागों में बांटा जा सकता हैं । सबसे पहले संदर्भ दीजिए अर्थात आप पत्र क्यों लिख रहे हैं । इसके बाद संदेश दीजिए या जिस बात का उत्तर मांगा है, लिखिए । अंत में बड़ों – छोटों को यथायोग्य अभिवादन देते हुए पत्र के मुख्य भाग को समाप्त कीजिए । तीनों का एक – एक उदाहरण नीचे दिया जा रहा हैं ।

संदर्भ ( Reference ) :
I have just received your letter.

संदेश ( Message ) :
Meet Mr. Mitesh and give him the money.

अंत ( End ) :
Please give my best regards / love / wishes to….

पत्र का समापन कैसे करें? ( How to close a letter? )

पत्र के समापन का ढंग भी इस बात पर निर्भर करता है कि आप किसे पत्र लिख रहे हैं । इसे हस्ताक्षरकरण ( subscriptions ) कहते हैं । पत्र किसे लिखा जा रहा है उसके अनुसार अलग – अलग हस्ताक्षरकरण होते हैं । इसमें पत्र – लेखक के हस्ताक्षर भी सामिल रहते हैं ।

माता – पिता व रिश्ते में बड़े अन्य संबंधियों को –
Affectionately yours,
Yours affectionately,
Your affectionately son / daughter / nephew / niece,

माता – पिता, चाचा – चाची आदि द्वारा बच्चों को –
Affectionately yours,
Yours affectionately,
Your affectionately father / uncle / mother / auntie,

मित्रों को –
Sincerely yours,
Yours sincerely,
Yours very sincerely,

अपने से बड़े अधिकारियों तथा व्यवसायिक फर्म के मालिक / मालिकों को –
Yours faithfully,

भाई – बहन में पत्र – व्यवहार –
Yours loving brother,
Yours loving sister,

यदि पत्र – समापन के बाद कोई बात लिखने से छूत जाएं तो पत्र के नीचे P.S. ( Post - Script ) लिख कर अपनी बात लिखें ।

हमारी शुभकामनाएं हैं कि आपकी यह यात्रा शुभ हो !

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